20 Feb 2026 53 Views
रायपुर। राज्य सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ नवाचार और स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 लागू कर दी है। इसके तहत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए पंजीकृत स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 100 करोड़ के छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड, 50 करोड़ के क्रेडिट रिस्क फंड, सीड फंड सहायता (10 लाख तक) सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहन दिए जाएंगे। खास बात यह है कि नीति के तहत स्टार्टअप और डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, ताकि नए स्टार्टअप को सभी प्रकार की मदद मिल सकें।
राज्य में इज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहित करने तथा समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य एक एकीकृत स्टार्टअप डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करेगा। यह सिंगल विंडो इंटरफेस स्टार्टअप को नीति में प्रावधानित निवेश प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगा। यह प्लेटफॉर्म मेंटर, निवेशक, इनक्यूबेटर, एक्सेलेरेटर और अन्य प्रमुख इकोसिस्टम हितधारकों के साथ सामंजस्य स्थापित करने में भी सहायक होगा।
मनाएंगे स्टार्टअप वार्षिक दिवस
इन नीति के तहत हर साल स्टार्टअप डे का आयोजन किया जाएगा। इसका आयोजन विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, गैर-सरकारी संगठनों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों एवं कंपनियों की भागीदारी के साथ किया जाएगा।
ऐसे मिलेगी सहायता
यह खास होगा स्टार्टअप नगर में
इस नीति के तहत राज्य सरकार स्टार्ट अप नगर विकसित करने का प्रयास करेगी। इसमें स्टार्टअप से संबन्धित सभी हितधारकों इनक्यूबेटर, को-वर्किंग, स्पेस निवेशक, बैंकर, मेकरस्पेस, प्रयोगशालाएं और उत्कृष्टता केंद्र को एक स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही यहां सार्वजानिक सुविधाएं जैसे ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल, पार्किंग और भी विकसित की जाएंगी।
आईपी और प्रौद्योगिकी सुविधा प्रकोष्ठ
राज्य नवाचार इकोसिस्टम को सशक्त करने के लिए एक समर्पित इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी एंड टेक्नोलॉजी फैसिलिटेशन सेल की स्थापना का प्रयास करेगा। यह प्रकोष्ठ बौद्धिक सम्पदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स) के क्षेत्र में जागरुकता बढ़ाने, व्यावसायीकरण के लिए तैयार प्रौद्योगिकियों का संकलन करने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुगम बनाने और उद्यमशील क्षमताओं का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह स्टार्टअप को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स संबंधित प्रक्रियाओं में रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जिससे नवाचार संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और बौद्धिक संपदाओं का प्रभावी संरक्षण हो सकेगा।