100 औद्योगिक पार्क ‘BHAVYA’ योजना को मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी

20 Mar 2026      97 Views

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। भारत औद्योगिक विकास योजना यानी BHAVYA को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना पर 33,660 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और देशभर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।सरकारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह योजना भारत की विनिर्माण क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली साबित होगी।

सपनों को साकार करने वाली योजना

डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने योजना को पूरी तरह सेक्टर न्यूट्रल बताया। यानी यह किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। राज्यों और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में इसे लागू किया जाएगा। भाटिया ने बताया कि यह योजना कोर इंफ्रास्ट्रक्चर, वैल्यू-एडेड सुविधाओं और सामाजिक बुनियादी ढांचे जैसे आवास के लिए फंडिंग देगी। पहले चरण में 50 पार्क विकसित किए जाएंगे।

क्या है प्लग-एंड-प्ले?

BHAVYA योजना का सबसे बड़ा आकर्षण आसान कारोबार का नया मॉडल है। राज्य सरकारें सिंगल-विंडो सिस्टम, पूर्व-अनुमोदित मंजूरियां और निवेशक-अनुकूल सुधारों के जरिए इसे लागू करेंगी। 100 से 1,000 एकड़ तक के पार्क बनाए जाएंगे, जहां जमीन पहले से तैयार, बिजली-पानी-ड्रेनेज सब कुछ उपलब्ध होगा। उद्योग को सिर्फ इंटेंट से प्रोडक्शन तक पहुंचने में देरी नहीं होगी।

प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक की मदद मिलेगी, जिसमें शामिल हैं:
• कोर इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटी, जल प्रबंधन, कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट)
• वैल्यू-एडेड सुविधाएं (रेडी-बिल्ट फैक्ट्री शेड, टेस्टिंग लैब, वेयरहाउस)
• सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर (मजदूर आवास और अन्य सुविधाएं)

इसके अलावा प्रोजेक्ट लागत का 25% तक एक्सटर्नल इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी के लिए भी फंड मिलेगा। पार्क चुनने का तरीका होगा चैलेंज मोड यानी सिर्फ बेहतरीन, सुधार-उन्मुख और निवेश-तैयार प्रस्ताव ही आगे बढ़ेंगे।

भविष्य की हरित ऊर्जा और सस्टेनेबल पार्क

ये पार्क सिर्फ कारखाने नहीं, बल्कि फ्यूचरिस्टिक इकोसिस्टम होंगे। मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, आखिरी मील तक पहुंच, हरित ऊर्जा, भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर सब कुछ ऐसा कि रखरखाव आसान हो और उत्पादन कभी रुके नहीं। नो-डिग एनवायरनमेंट से औद्योगिक गतिविधियां निर्बाध चलेंगी।

करोड़ों का निवेश, लाखों को नौकरियां

योजना पूरे देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक फैलेगी। विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र में लाखों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन होगा। क्लस्टर विकास के जरिए सप्लाई चेन मजबूत होगी, क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण बढ़ेगा। विनिर्माण इकाइयां, एमएसएमई, स्टार्टअप्स, ग्लोबल निवेशक इसके प्राथमिक लाभार्थी होंगे। मजदूर, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, सेवा क्षेत्र और स्थानीय समुदाय को भी रोजगार मिलेगा।

पहले से साबित प्लग-एंड-प्ले मॉडल

राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम लिमिटेड (एनआईसीडीसी) इस योजना को अमली जामा पहनाएगा। डीपीआईआईटी के अधीन एनआईसीडीसी पहले ही 13 राज्यों में 20 प्रोजेक्ट चला रहा है। इसका पूरा मॉडल ही प्लग-एंड-प्ले पर आधारित है। जहां जमीन, सुविधाएं, मंजूरियां सब पहले से तैयार हो, ताकि उद्योग बिना किसी देरी के शुरू हो सके।

BHAVYA योजना सिर्फ पार्क बनाने की नहीं, बल्कि सपनों को हकीकत में बदलने की है। जहां एक तरफ एमएसएमई और स्टार्टअप्स को तैयार प्लेटफॉर्म मिलेगा, वहीं ग्लोबल निवेशक भारत को अपना प्रोडक्शन हब बनाने के लिए उत्साहित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को यह योजना नई ऊंचाई देगी।