03 Aug 2026 37 Views
सेल ने जुलाई माह में 11,258 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कैश कलेक्शन कर अपना लक्ष्य हासिल किया, जिसमें भिलाई इस्पात संयंत्र 3,195 करोड़ रुपये के साथ शीर्ष पर रहा और बोकारो तीसरे स्थान पर रहा। अगस्त में बारिश से व्यापार प्रभावित होने की आशंका है।
बोकारो। स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड सेल ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के दूसरी तिमाही के पहले माह यानी की जुलाई में रिकार्ड कैश कलेक्शन कर अपने लक्ष्य को साध ली है। इसमें सबसे बड़ी भागीदारी भिलाई इस्पात संयंत्र की है।
भिलाई स्टील प्लांट 3,195 करोड़ रुपये नगद संग्रह हासिल कर पहले पायदान पर लगातार अपनी साख बनाए हुए है। जबकि 2,437 करोड़ रुपये प्राप्त कर बोकारो इस्पात संयंत्र तीसरे स्थान पर आ गई है। सेल मुख्यालय की ओर से जुलाई माह में बीएसएल सहित सभी इकाई को कुल 11,000 करोड़ रुपये नगद संग्रह प्राप्त करने का लक्ष्य दिया गया था।
जिसके सापेक्ष सभी इकाई ने बेहतर कार्य का प्रदर्शन करते हुए कैश कलेक्शन के मद में 11,258 करोड़ रुपये बटोर ली। इससे सेल प्रबंधन का मनोबल बढ़ गया है और वह अगस्त माह में अपने नगद संग्रह के लक्ष्य को बढ़ाते हुए पुन: इसे साधने की तैयारी में अभी से ही जुट गई है।
इसके लिए बाकायदा केंद्रीय विपणन संगठन की पूरी टीम को राष्ट्रीय व अंतर राष्ट्रीय बाजार में कंपनी के उत्पादित माल के आपूर्ति एवं खपत को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है।
हालांकि देश के अलग अलग राज्यों में हो रही मूसलाधार बारिश बाढ़ का कहर प्रबंधन के इस योजना में एक बाधा साबित होने साथ आंशिक रूप से कंपनी के व्यापार को प्रभावित कर सकती है। बता दे की बीते माह सेल अपने कैश कलेक्शन के लक्ष्य से चूक गई थी।
जून माह में कंपनी प्रबंधन की ओर से सभी इकाई को 11,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था। जहां नगद संग्रह के मद में कुल 10,834 करोड़ रुपये ही हासिल हो सके था। इससे प्रबंधन की चिंता थोड़ी बढ़ गई थी।
| क्रमांक | इकाई | कैश कलेक्शन |
|---|---|---|
| 1 | भिलाई इस्पात संयंत्र | 3,195 करोड़ रुपये |
| 2 | राउरकेला इस्पात संयंत्र | 2,555 करोड़ रुपये |
| 3 | बोकारो इस्पात संयंत्र | 2,437 करोड़ रुपये |
| 4 | बर्नपुर इस्पात संयंत्र | 1,485 करोड़ रुपये |
| 5 | दुर्गापुर इस्पात संयंत्र | 1,134 करोड़ रुपये |
| 6 | सलेम इस्पात संयंत्र | 172 करोड़ रुपये |
| 7 | आरआईएनएल संयंत्र | 164 करोड़ रुपये |
| 8 | एलॉय इस्पात संयंत्र | 76 करोड़ रुपये |
| 9 | भद्रावती इस्पात संयंत्र | 40 करोड़ रुपये |